अनमोल जेब्राहत

*✦ अनमोल जवाहिरात ✦*  
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*✷PART-07✷*               
  *✺ 1 गुनाह करने में 10 तरह के ऐब हैं✺*

*★_किताब" तंबीहुल रिजाल" में बुजुर्गों का कौ़ल लिखा है कि 1 गुनाह करने में 10 ऐब हैं :-*

*१_ जब बंदा कोई गुनाह करता है तो उस खुदा ए खालिक़ व बरतर को नाराज़ करता है जिसको उस पर हर वक्त कु़दरत हासिल है।*

*२_अपने ऐसे साथियों को तकलीफ पहुंचाई जो उसको कभी तकलीफ नहीं देते यानी वह फरिश्ते जो उसके मुहाफिज़ हैं।*

*३_ऐसी ज़ात तो खुश करता है जो खुदा के नज़दीक सबसे ज्यादा ज़लील और का़बिले नफरत है ...यानी शैतान मलून जो उसका भी दुश्मन है और खुदा का भी दुश्मन है।*
*४_ निहायत अच्छे मुका़म यानी जन्नत से दूर हो जाता है,*

*५_ बहुत बुरे मुका़म यानी दोजख के क़रीब हो जाता है ,*
*६_ वह ऐसे शख्स पर जुल्म करता है जो उसको सबसे ज्यादा प्यारा है यानी खुद अपने आप पर,*

*७_ उसने अपने आप को नापाक कर लिया हालांकि अल्लाह ताला ने उसको पाक व साफ पैदा किया था ,*
*८_ अपनी गुनहगारी पर ज़मीन और आसमान ,रात और दिन को गवाह बनाया और उन्हें तकलीफ़ पहुंचाई_,*

*९_हजरत रसूल ए करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम की रूहे पाक को क़ब्रे अनवर में गमगीन किया,*
*१०_उसने खुदा की मखलूक़ के साथ चाहे इंसान हो या गैर इंसान ख़यानत की _
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*दुआओं 🤲🏻 में याद रखियेगा
Mohammad Musa
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*जज़ल्लाहु ख़ैरा*
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