Hadees Quran ki bate
तीन सवालात
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(हिस्सा 3)
*★__ बस यह लोग मौका पाकर वहां से बाहर निकले अौर पहाड़ के गार में छुपे क़ौम ने इन्हें हर तरफ तलाश किया लेकिन वह ना मिले अल्लाह ताला ने इन्हें इनके देखने से आजिज़ कर दिया। बिल्कुल इसी कि़स्म का वाकि़या हुजूर नबी करीम सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम के साथ पेश आया था जब आपने हजरत अबू बकर सिद्दीक रजियल्लाहु अन्हु के साथ गारे सौर ने पनाह ली थी लेकिन मुशरिकीन गार के मुंह तक आने के बावजूद आपको नहीं देख सके थे ।इस वाक्य में भी चंद रिवायात में तफसील इस तरह है कि बादशाह के आदमियों में इनका पीछा किया था और गार तक पहुंच गए थे लेकिन गार में वह इन लोगों को नज़र नहीं आए थे ।
क़ुरआने करीम का ऐलान है कि उस गार में सुबह व शाम धूप आती जाती है ।
यह गार किस शहर के किस पहाड़ में है यकीनी तौर पर किसी को मालूम नहीं ।
फिर अल्लाह ताला ने इन पर नींद तारी कर दी , अल्लाह ताला इन्हें करवटें बदलवाते रहे ,इनका कुत्ता भी गार में इनके साथ था।
★_अल्लाह ताला ने जिस तरह अपनी कुदरत ए कामिला से इन्हें सुला दिया था उसी तरह इन्हें जगा दिया । यह 309 साल तक सोते रहे थे अब 309 साल बाद जागे तो बिल्कुल ऐसे थे जैसे अभी कल ही सोए थे।
★_इनके बदन खाल बाल गर्ज़ हर चीज़ बिल्कुल सही सलामत थी यानी जैसे सोते वक्त थे बिल्कुल वैसे ही थे किसी किस्म की कोई तब्दीली वाक़े नहीं हुई थी यह आपस में कहने लगे :- क्यों भई भला हम कितनी देर तक सोते रहे हैं।
एक ने जवाब दिया:- एक दिन या इससे भी कम ।
यह बात उसने इसलिए कही थी कि वह सुबह के वक्त सोए थे और जब जागे तो शाम का वक्त था। इसलिए उन्होंने यह खयाल किया कि वह एक दिन या इससे कम सोये हैं , फिर एक ने यह कहकर बात खत्म कर दी:- इसका दुरुस्त इल्म तो अल्लाह को है ।
★_ अब इन्हें शदीद भूख प्यास का एहसास हुआ इन्होंने सोचा बाज़ार से खाना मंगवाना चाहिए, पैसे इनके पास थे उनमें से कुछ यह अल्लाह के रास्ते में खर्च कर चुके थे कुछ इनके पास बाकी थे। एक ने कहा:- हममे से कोई पैसे लेकर बाज़ार चला जाए और खाने की कोई पाक़ीज़ा उम्दा चीज़ ले आए और जाते हुए और आते हुए इस बात का ख्याल रखें कि कहीं लोगों की नज़र उस पर ना पड़ जाए , सौदा खरीदते वक्त भी होशियारी से काम ले ,किसी की नजरों में ना आए ,अगर उन्हें हमारे हमारे बारे में मालूम हो गया तो हमारी खैर नहीं , दक़ियानूस के आदमी अभी तक हमें तलाश करते फिर रहे होंगे।
★_चुंनाचे इनमें से एक गार से बाहर निकला। उसे सारा नक्शा ही बदला नज़र आया, अब उसे क्या मालूम था कि वह 309 साल तक सोते रहे हैं उसने देखा कोई चीज़ अपने पहले हाल पर नहीं थी , शहर में कोई भी उसे जाना पहचाना नज़र ना आया , यह हैरान था परेशान था और डरे डरे अंदाज़ में आगे बढ़ रहा था, उसका दिमाग चकरा रहा था ।सोच रहा था कल शाम तो हम इस शहर को छोड़कर गए हैं फिर यह अचानक क्या हो गया । जब ज्यादा परेशान हुआ तो उसने अपने दिल में फैसला किया मुझे जल्द से जल्द सौदा लेकर अपने साथियों के पास पहुंच जाना चाहिए। आखिर वह एक दुकान पर पहुंचा। दुकानदार को पैसे दिए और खाने-पीने का सामान तलब किया। दुकानदार सिक्के को देखकर हैरतज़दा हो गया, उसने वो सिक्का साथ वाले दुकानदार को दिखाया और बोला भाई जरा देखना सिक्का किस जमाने का है ।
उसने दूसरे को दिया ,इस तरह सिक्का कई हाथों में घूम गया कई आदमी वहां जमा हो गए।
★: ★__ आखिर उन्होंने उससे पूछा- तुम यह सिक्का कहां से लाए हो? तुम किस मुल्क के रहने वाले हो ?
जवाब में उसने कहा -मैं तो इसी शहर का रहने वाला हूं कल शाम ही तो यहां से गया हूं, यहां का बादशाह दकियानूस है ।
वह सब उसकी बात सुनकर हंस पड़े और बोले -यह तो पागल है। इसे पकड़ कर बादशाह के पास ले चलो ।
आखिर उसे बादशाह के सामने पेश किया गया, वहां उससे सवालात हुए , उसने तमाम हाल कह सुनाया। बादशाह और सब लोग उसकी कहानी सुनकर हैरतजदा रह गये, आखिर उन्होंने कहा :- अच्छा ठीक है, तुम हमें अपने साथियों के पास ले चलो...वो गार हमें भी दिखाओ _,"
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